हर जगह कैश खर्च करने वाले हो जाएं सावधान, इस तरह के 10 ट्रांजैक्शन करने पर घर आएगा Income Tax का नोटिस

मोदी सरकार ने डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए तमाम उपाय किए हैं. इसके बावजूद कुछ लोग अपनी आदतों से बाज नहीं आते हैं और हर छोटे-बड़े काम में कैश का इस्तेमाल करते हैं. वही कैश प्रचलन को कम करने के लिए एटीएम से निकासी के नियम भी सख्त किए गए हैं.

अगर एक वित्त वर्ष में सेविंग अकाउंट्स से 10 लाख कैश निकासी की है या फिर जमा किया है तो बैंक इसकी जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से शेयर करता है. करंट अकाउंट के लिए यह कैश लिमिट 50 लाख रुपए है. अगर आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो कैश में जमा करने से परहेज करें. एक वित्त वर्ष में अगर क्रेडिट कार्ड बिल के रूप में 1 लाख से ज्यादा कैश जमा किया तो इसकी जानकारी टैक्स डिपार्टमेंट को दी जाती है.

अगर कोई इंडिविजुअल एक वित्त वर्ष में विदेशी टूर पर 10 लाख रुपए से ज्यादा खर्च करता है तो इनकम टैक्स विभाग की नजर ऐसे ट्रांजैक्शन पर होती है. अगर रियल एस्टेट में 30 लाख से ज्यादा निवेश करते हैं तो रजिस्ट्रार इसकी जानकारी टैक्स विभाग को देता है. अगर 2 लाख से ज्यादा की ज्वैलरी खरीदी है तो जूलर्स को इसकी जानकारी टैक्स विभाग को देनी होगी.

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