सरकार का बड़ा फैसला दिल्ली के प्राइवेट स्कूल छात्रों को मुफ्त देंगे किताबें, यूनिफार्म और खाना

 बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने पिछले सप्ताह निजी स्कूलों में नोटिस भेजा। इन पर कमजोर आय वर्ग के छात्रों को किताबें,यूनिफार्म और खाना मुहैया कराने से इनकार करने का आरोप लगा है।

आयोग के एक सदस्य के मुताबिक, शिकायत मिली थी कि अप्रैल के बाद से इन निजी स्कूलों द्वारा कमजोर आय वर्ग से जुड़े बच्चों को किताबें नहीं दी गई हैं।

इस मामले को उठाते हुए आयोग ने स्कूलों को तलब किया और इस मुद्दे को हल किया है।

बता दे संविधान अधिनियम, 2002 सभी बच्‍चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान करता है। इसके तहत निजी संस्थानों में 25 फीसद गरीब छात्र-छात्राओं को शिक्षा देना अनिवार्य है। नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त करना सभी बच्चों का अधिकार है।

सरल शब्दों में इसका अर्थ यह है कि सरकार छह से चौदह वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों की नि:शुल्क पढ़ाई के लिए जिम्मेदार होगी। इस प्रकार इस कानून ने देश के बच्चों को मजबूत, साक्षर और अधिकार-संपन्न बनाने का रास्ता साफ़ किया है।

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