व्यापार में अलग-थलग पड़े चीन की भारत पर बढ़ रही है निर्भरता, भारत ने बेचा इतने लाख करोड़ का सामान

लद्दाख में सीमा पर चीन भारत से दो-दो हाथ करने का साहस भले ही दिख रहा है। लेकिन व्यापारिक दुनिया में अलग-थलग पड़ चुके चीन की निर्भरता भारत पर बढ़ती जा रही है। चालू वित्त वर्ष 2020-21 में भारत के चीन होने वाले निर्यात में पिछले साल के मुकाबले 30.70 फीसद की बढ़ोतरी रही है। वहीं इस साल भारत में चीन से होने वाले आयात में पिछले साल की के मुकाबले 25.20 फीसद की गिरावट रही।

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक इस साल मई में चीन होने वाले निर्यात में पिछले साल मई के मुकाबले 30.70 फीसद का इजाफा रहा है। जून में चीन होने वाले निर्यात में 77.74 फीसद तो जुलाई में 23.70 फीसद की बढ़ोतरी रही। अगस्त के निर्यात का आंकड़ा अगले सप्ताह 14 या 15 सितंबर को जारी होगा। अगस्त में भी चीन होने वाले निर्यात में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

निर्यातकों के मुताबिक कोरोना संक्रमण के बाद अमेरिका, जापान और आस्ट्रेलिया जैसे देशों ने चीन से दूरी बनाना शुरू कर दिया। वैश्विक कारोबार में 10 फीसद से अधिक की हिस्सेदारी रखने वाले चीन को कच्चे माल की सख्त जरूरत रहती है और भारत ही इसकी पूर्ति कर सकता है।

यही वजह है कि पिछले तीन महीनों से चीन भारत से काफी अधिक मात्रा में कच्चे माल का आयात कर रहा है। इनमें स्टील कॉयल, कॉटन, केमिकल्स जैसे कच्चे माल शामिल हैं। निर्यातकों के मुताबिक अब कच्चे माल की जगह चीन को तैयार माल यानि फिनिश्ड गुड्स भेजना भारत का लक्ष्य है।

वही चीन से आयात कम करने में सरकार के प्रयास का असर दिखने लगा है। कई आइटम के आयात पर रोक या शुल्क बढ़ने से भी फर्क पड़ा है। भारत सरकार ने चीन से आने वाले 1200 ऐसे आइटम की सूची तैयार कर रखी है जिनके आयात पर प्रतिबंध लगाया जायेगा। इस साल मई में चीन से होने वाले आयात में पिछले साल के मुकाबले 22.8 फीसद, जुलाई में 43.75 फीसद तो अगस्त में 54 फीसद की गिरावट रही।

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