वैवाहिक विवाद में ऐसे मिल सकेगा गुजारा भत्ता, शादी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी की गाइडलाइन

वैवाहिक विवादों में गुजारा भत्ते को लेकर सुप्रीम कोर्ट (SC) ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. नए दिशा-निर्देशों के बाद गुजारा भत्ता तय करने के नियम बदल जाएंगे. अब दोनों पक्षों को कोर्ट में अपनी आमनदनी की पूरी जानकारी देनी होगी, इसके बाद भी गुजारा भत्ता तय किया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट (SC) की नई गाइडलाइन के मुताबिक विवाह विवाद के बाद अलग रह रही पत्नी अगर अपने बच्चों और परिवार की देखभाल के लिए अपनी नौकरी छोड़ देती है, तो पति को उसे हर महीने गुजारा भत्ता देना होगा. सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार बच्चों की देखभाल के लिए महिलाओं द्वारा किए गए कैरियर के बलिदान पर विचार किया है.

आमतौर पर अदालतें ऐसे फैसले देने से पहले पति की आय और संपत्ति को ध्यान में रखती हैं, उसके बाद ही पत्नी को देने वाली राशि को निर्धारित किया जाता है. कोर्ट ने कहा कि गुजारा भत्ते की याचिका दायर करने के साथ ही अब दोनों पक्षों को आय और संपत्ति की जानकारी भी हलफनामे में देनी होगी.

उसमें यह भी बताना होगा कि शादी के बाद कितनी संपत्ति अर्जित की गई. बच्चों और ससुराल वालों के लिए महिला द्वारा दिए गए योगदान को भी हलफनामे में बताना होगा.

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