वैज्ञानिकों का दावा, स्टेरॉयड बचा सकती हैं कोरोना के गंभीर मरीजों की जान, कीमत ₹10 से भी कम

कोरोना वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस खतरानक वायरस से दुनियाभर में अब तक 867,607 लोगों की मौत हो गई है और संक्रमितों की संख्या 30 लाख के करीब हो गई है। कोरोना वायरस के इलाज के लिए कई वैक्सीन का ट्रायल अंतिम चरण में है और उम्मीद की जा रही है कि अगले साल तक इसका टीका आ जाए।

लेकिन फिलहाल कोरोना के मरीजों को अलग-अलग रोगों में इस्तेमाल होने वाली दवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है और चिकित्सक विभिन्न दवाओं को मरीजों के उपचार में आजमाकर देख रहे हैं। इस बीच खबर आई है कि सस्ती और व्यापक रूप से उपलब्ध स्टेरॉयड दवाएं गंभीर रूप से बीमार कोरोना के रोगियों को बचाने में मदद कर सकती हैं।

नए सबूतों के आधार पर, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के उपचार के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किये हैं और गंभीर रूप से बीमार रोगियों के इलाज के लिए स्टेरॉयड की सिफारिश की है लेकिन हल्के लक्षण वालों के लिए नहीं।

स्टडी में बताया गया कि गंभीर रूप से बीमार रोगियों के लिए कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स अब पहले स्तर का इलाज है। गंभीर रूप से बीमार रोगियों में सबसे प्रभावी दवा रेमेडिसविर है। शोधकर्ताओं ने उम्मीद की थी कि अन्य सस्ते स्टेरॉयड इन रोगियों की मदद कर सकते हैं। वही भारत के मरीजों के ठीक होने की दर बढ़कर 77.09 प्रतिशत हो गई है और मृत्यु दर गिरकर 1.75 प्रतिशत हो गई।

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