रूस से AK-203 राइफल का सौदा हुआ फाइनल, अब आयेंगीं 300 मीटर तक मार करने वाली 1 लाख राइफल्स

भारत और रूस ने ​​रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मास्को यात्रा के दौरान ​एके-203 राइफल के लिए एक ​​सौदे को अंतिम रूप ​दे ​दिया है।​ भारतीय ​​सेना को फ़िलहाल लगभग 7​ लाख ​70​ हजार राइफ​लों की जरूरत है, जिनमें से ​एक लाख राइफल्स का​ रूस से आयात किया जाएगा और बाकी का ​निर्माण​​​​​ ​’मेक इन इंडिया’ के तहत​​ भार​त में किया जायेगा​​​​​​।​​

भारतीय सेना के लिए ​​’मेक इन इंडिया’ के तहत रूसी तकनीक की मदद से ​ एके-203 राइफल का निर्माण उत्तर प्रदेश के अमेठी स्थित कोरवा ऑर्डिनेंस फैक्टरी में किया जाना है। ​इसके लिए रूसी एजेंसी​ ​इंडो-रूस राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड ​का गठन किया गया है. बता दे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 मार्च, 2019 को रूसी तकनीक की मदद से 6.71 लाख एके-203 राइफलों का निर्माण किये जाने की योजना का..

औपचारिक उद्घाटन अमेठी स्थित कोरवा ऑर्डिनेंस फैक्टरी में जाकर किया था। ​पीएम मोदी ने जोर देकर कहा है कि एके -203 राइफलें देश के सुरक्षा बलों को आतंकवाद विरोधी अभियानों में आतंकवादियों से लड़ने में मदद करेंगी।​

बता दे ​एके-203​​ राइफल में एके-47 की तरह ऑटोमैटिक और सेमी ऑटोमैटिक दोनों सिस्टम होंगे। एक बार ट्रिगर दबाकर रखने से गोलियां चलती रहेंगी। ​अब तक यह सौदा फाइनल न हो पाने की वजह से भारत को इसी साल फरवरी में अमेरिका से 72 हजार 400 असॉल्ट राइफलें खरीदनी पड़ी।

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