यमुना बनी ताजमहल के लिए खतरा, बचाव के लिए जल्द शुरू होंगे ये काम

मुना नदी की वज़ह से ताजमहल और आगरा के किले के लिए खतरा पैदा हो गया है. ताजमहल की बुनियाद मानी जाने वाली यमुना नदी ही उसके लिए खतरा बन गई है. आपको बता दे दोस्तों 8 फरवरी को सरकार ने संसद में यह जानकारी दी है. सरकार ने यह भी बताया है कि ताजमहल समेत सभी तीन इमारतों को बचाने के लिए यमुना नदी में 5 काम शुरु कराने होंगे. दिल्ली के प्रोफेसर बीआर सिंह का कहना है कि ताजमहल यमुना के किनारे बना हुआ है

 जैसे ही गर्मियों में पानी कम होता है और यमुना में कीचड़ और काई जैसी दलदल बनने लगती है तो गोल्डी काइरोनोमस तेजी से पनपने लगता है. ये काई के रंग जैसा ही हरे रंग का होता है. ये काइरोनोमस तक महल की नीव को कमजोर कर रही है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के मुताबिक ताजमहल और आगरा किला को इस खतरे से बचाने के लिए यमुना नदी में खासी गहराई तक जमा गाद को बाहर निकालना होगा. नदी के किनारे पर उगी खरपतवार को हटाना होगा.

खरपतवार की पैदावार पर रोक लगानी होगी. यमुना नदी में पानी छोड़ना होगा. लगातार पानी के बहाव को बनाए रखना होगा. इसके साथ ही स्मारकों की बेहतर सफाई और संरक्षण पर भी खास ध्यान देना होगा. ऐसा नहीं हुआ तो कुछ सालो में ताज महल ढह भी सकता है।

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