महातबाही से कांपा पूरा उत्तराखंड: फटा ग्लेशियर बहे कई मजदूर, मचा हड़कंप

रविवार को उत्तराखंड में भयानक प्राकृतिक आपदा टूट पड़ी है। यहां चमोली जिले में ग्लेशियर यानी बर्फ का पहाड़ टूट गया है। जिसके टूटने की वजह से पानी भरभराकर उफान पर आ गया। इससे बड़ी मात्रा में पानी बहकर नीचे की तरफ आ रहा है। ऐसे में बड़े बहाव की वजह से तबाही और भारी बाढ़ की भी आशंका की जा रही है। चमोली से लगभग डेढ़ सौ किलोमीटर नीचे श्रीनगर तक अलर्ट घोषित किया गया है। बताया जा रहा है कि सुबह 9:00 बजे के आसपास ग्लेशियर फटा है।

जिसके चलते ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट को बेहद नुकसान पहुंचा है और साथ ही कई घरों के भी तबाह होने की सूचना मिल रही है जिसके बाद रुद्रप्रयाग से होते हुए श्रीकोट और श्रीनगर तक बड़ी तबाही की आशंका की जा रही है।
दोस्तों वर्ष 2013 में केदारनाथ आपदा के बाद आज 7 साल 7 महीने और 25 दिन बाद फिर से वैसी ही एक त्रासदी की खबर आई है। 16 व 17 जून 2013 को प्रकृति ने ऐसा कहर बरपाया कि उसमें अनेक जिंदगियां तबाह हो गई थीं।

आपदा ने पहाड़ तक जाने वाली तमाम सड़कों को उखाड़ फेंका था। 12 फुट मलबे में दबी लाशों पर चलकर ही राहत कार्य किया जा रहा था। मलबे में कितने लोग दबे हैं इसका अंदाजा ही नहीं था।
साथ ही जानकारी मिली है कि धौलीगंगा के करीब एक दर्जन मजदूर गायब बताए जा रहे हैं। आशंका है कि यह पानी के तेज बहाव में बह गए है। स्थानीय लोगों से कहा गया है कि नदी के किनारों से दूर चले जाएं। वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने 6 लाख रुपये के मुहावजे की भी घोषणा की हैं।
दोस्तों वर्ष 2013 में केदारनाथ आपदा के बाद आज 7 साल 7 महीने और 25 दिन बाद फिर से वैसी ही एक त्रासदी की खबर आई है। 16 व 17 जून 2013 को प्रकृति ने ऐसा कहर बरपाया कि उसमें अनेक जिंदगियां तबाह हो गई थीं।

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