भारी बारिश और भीषण बाढ़ की बढ़ती घटनाओं पर जानिए क्या कहते हैं वैज्ञानिक

इस बार मॉनसून में महाराष्‍ट्र, राजस्थान, मध्‍य प्रदेश, बिहार समेत कई प्रदेशों से भारी बारिश के बाद बाढ़ की खबरें आ रही हैं। इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्र यानि क‍ि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं के वीडियो आपने सोशल मीडिया पर जरूर देखे होंगे।

इस प्रकार की तमाम प्राकृतिक घटनओं का अध्‍ययन करने संस्था ने अपनी रिपोर्ट सोमवार को जारी की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हीटवेव यानि कि गर्म हवाओं के दुष्‍प्रभाव भारत समेत पूरे एशिया में जारी हैं। रिपोर्ट के अनुसार 1980 के बाद से समुद्र की ओर से उठने वाली हीटवेव यानि गर्म हवाओं का सिलसिला तेज़ हो गया है, जिसके पीछे सबसे बड़ा कारण मानवजाति की गतिविधियां हैं।

भारत की बात करें तो 2015 में चेन्नई में भारी बारिश के बाद तबाही का मंजर बेहद भयावह था। 2018 में केरल की बाढ़ को कोई नहीं भूल सकता। और तो और 2019 में चक्रवात वायु और फानी, 2020 में निसर्ग और फिर अम्‍फान को कोई नहीं भूल सकता।

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