भारत में कोरोना ने की हालत खराब कोरोना हुआ बेकाबू सरकार ने के भी छूटे पसीने...

देश में कोरोना से मरीजों के हाल बद से बदतर होते जा रही हैं। आपको बता दें कि अभी तो आलम यह है कि अस्पताल में भर्ती होने के लिए बेड नहीं मिल रहे तो लोग अस्पताल के बाहर ही बिस्तर लगा कर कोरोना का इलाज करवा रहे हैं। देश के 50 में से 44 बेड पर कोरोना के मरीज़ हैं और उनमें से कई को सांस लेने के लिए ऑक्सीजन की ज़रूरत पड़ती है.

 मरीज़ों के बढ़ने से हर छोटा ऑक्सीजन टैंक 6 घंटे में ही ख़त्म होता जा रहा था जो सामान्य तौर पर 9 घंटे में ख़त्म होता है. ऐसे में मरीजों के लिए ऑक्सीजन उपलब्ध करवाना एक चुनौती सा बन गया है।

जबसे भारत ने लॉकडाउन को हटा लिया है और लोग काम पर लौटने लगे हैं, तबसे ही छोटे शहरों और क़स्बों में कोरोना के केस बढ़ने लगे हैं. डब्ल्यूएचओ की मानें तो अक्टूबर में कोरोना की दूसरी लहर भी आने वाली है और तब स्थिति और घातक हो सकती है। ऐसे में भारत कोरोना के मरीजों को बेड कैसे उपलब्ध करवाएगा यह सोचने वाली बात है।

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