भारत ने किया हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण, दुनिया में सिर्फ 3 देशों के पास ये तकनीक

भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक बार फिर नई छलांग लगाई है। भारत ने हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में लंबी छलांग लगाई है। भारत ने स्वदेशी हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डिमांस्ट्रेटर व्हीकल का सफल परीक्षण किया है। इसके साथ ही भारत अगली पीढ़ी के हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकसित करने की तकनीक हासिल करने वाले दुनिया का चौथा देश बन गया है। अभी तक यह तकनीक सिर्फ अमेरिका, रूस और चीन के पास ही थी।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानि डीआरडीओ ने एचएसटीडीवी का विकास किया है, जो हाइपरसोनिक प्रणोदक तकनीक पर आधारित है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि डीआरडीओ ने सोमवार को सुबह 11:03 बजे पर ओडिशा के बालासोर तट के पास व्हीलर द्वीप पर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम लांच कांप्लेक्स से इसका सफलतापूर्वक परीक्षण किया।

डीआरडीओ के चेयरमैन डॉ. जी. सतीश रेड्डी ने इसे महत्वपूर्ण तकनीक सफलता करार दिया है। उन्होंने कहा कि भारत उन चुनिंदा देशों के क्लब में शामिल हो गया है, जिन्होंने इस तकनीक का सफल परीक्षण किया है।

DRDO ने कहा कि परीक्षण के दौरान एचएसटीडीवी ने आवाज से छह गुना ज्यादा तेज गति यानी दो किलोमीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से दूरी तय की और 20 सेकेंड तक हवा में रहा। इसकी सहायता से लंबी दूरी तक मार करने वाले मिसाइल सिस्टम विकसित की जा सकती है।

इस तकनीक की सहायता से कम लागत पर अंतरिक्ष में उपग्रह भी लांच किया जा सकता है। साथ ही इस तकनीक पर आधारित मिसाइल से दुनिया के किसी भी कोने में दुश्मन के ठिकानों को मिनटों के भीतर में निशाना बनाया जा सकता है।

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