भारत के इस हिस्से में चीन ने बड़ी संख्या में भेज दी है फौज, यहाँ बन गया है लद्दाख से भी बड़ा खतरा

 LAC पर जैसे हालात बन रहे हैं, वो सीधे-सीधे जंग की ओर इशारा कर रहे हैं। जंग होगी तो घनघोर होगी इसका इशारा भारत के आर्मी चीफ ने भी कर दिया है। लेकिन चीन को लेकर आज बड़ी खबर उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से आई है.

यहां बॉर्डर से महज 12 किलोमीटर की दूरी पर चीन बम बारूद लेकर खड़ा हो गया है। बड़ी संख्या में यहां चीनी फौज पहुंच रही है। लंबी लड़ाई लड़ने के लिए चीन ने यहां परमानेंट बेस कैंप बना दिया है, जो अब लद्दाख से भी बड़ा खतरा बन गया है।

लद्दाख में लाख कोशिशों के बावजूद चीन की चाल कामयाब नहीं हुई, तो अब उसने उत्तराखंड में पिथौरागढ़ से लगती सीमाओं पर अपना नया मोर्चा खोल दिया है। रक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, चीन ने भारतीय सीमा से महज 12 किलोमीटर दूर कुछ स्थायी सैन्य चौकियां बनाई हैं।

इन चौकियों पर पिछले दो हफ्ते से रोज सैकड़ो चीनी सैनिकों का जमावड़ा भी बढ़ाया जा रहा है।

खबर ये भी आ रही है कि रात में चीनी सैनिकों ने पिथौरागढ़ सीमा पर मानव रहित ड्रोन भी उड़ाए। हालांकि रात के अंधेरे में ITBP की मुस्तैदी से उसके मंसूबे कामयाब नहीं हो पाए। जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक चीन सीमा के उसपार, पाला नाम के मैदान पर अपना नया मिलिट्री बैस कैंप तैयार कर रहा है। कहा जा रहा है कि पाला के नए बेस पर चीन मिलिट्री की डिप्लॉयमेंट भी बढ़ा रहा है।

पिथौरागढ़ के नए मोर्चे पर भारतीय तैयारी भी बेहद चौकस है। कल ही भी इस इलाके में इंडियन फाइटर जेट को उड़ान भरते देखा गया है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में मौजूद लिपुलेख वो ट्राइजंक्शन है, जहां भारत नेपाल और चीन की सीमाएं आपस में लगती हैं।

 लद्दाख, सिक्किम और अरुणाचल के मुकाबले, उत्तारखंड की लिपुलेख सीमा अब तक सबसे सुरक्षित सीमा मानी जाती थी, क्योंकि इसकी भौगोलिक स्थिति के चलते चीन यहां कभी घुसपैठ की हिम्मत जुटा नहीं पाया। लेकिन अब नेपाल के कारण ये सीमा भी महफूज नहीं रह गई है।

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