भारत की आक्रामकता और राफेल से घबराया चीन, पाकिस्तान को देगा घातक लड़ाकू ड्रोन

चीन कितना दोगला देश है इस बात का अंदाजा आप इसही चीज से लगा सकते है की जहा चाइना भारत को अभी तक स्वतंत्रता दिवस की बधाई दे रहा था उसी से अब पाकिस्तान को लड़ाकू ड्रोन बेचने का ऐलान कर दिया है. वही जैसा का आप जानते है की पाकिस्तान तो बटवारे के बाद ही चीन के सामने कटोरा लेके खड़ा हो गया था आज तक उसका पालतू बना हुआ है.

और इसी कड़ी में चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव के बीच चीन भारत को घेरने के लिए पाकिस्तान को मोहरा बना लिया है। चीन एक तरफ पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दे पर समर्थन कर रहा है। वहीं अब उसकी योजना पाकिस्तान को घातक हथियारों से लैस करने की है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पाक यात्रा को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

पूर्व विदेश सचिव शशांक ने कहा कि यदि जिनपिंग की पाकिस्तान यात्रा होती है, तो उसमें नए रक्षा सौदे हो सकते हैं। पूर्व विदेश सचिव ने कहा चीन ने मान लिया है कि भारत के साथ मिलकर वह नहीं चल पाएगा। वह पाकिस्तान और कुछ इस्लामिक देशों के साथ भारत के ऊपर दबाव बनाना चाहेगा।

उन्होंने कहा कि जिनपिंग पिछली बार पाकिस्तान गए थे तो करीब 50 समझौते हुए थे। अब चीन के साथ नए समझौते की कोशिश होगी। निश्चित रूप से भारत पर इसका असर होगा। उन्होंने कहा चीन ने उत्तर कोरिया को जिस तरह मदद की है वैसे ही पाकिस्तान की मदद कर रहा है। इसको आगे बढ़ाया जाएगा। चीन अगले 10 साल मे दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति बनना चाहता है।

शशांक ने कहा, ‘चीन पाकिस्तान को उत्तर कोरिया की तरह बनाना चाहता है। साथ मे वह नेपाल, ईरान और अफगानिस्तान को भी भारत के खिलाफ इस्तेमाल करना चाहेगा।’ गौरतलब है कि जिनपिंग के पाकिस्तान दौरे की तारीख अभी तय नहीं हुई है।

माना जा रहा है कि पाकिस्तान हथियारों से लैस आधुनिक ड्रोन सीएच – 4 यूसीएवी यानी अनमैन्ड कॉम्बैट एरियल वेहिकल हासिल करना चाहता है। कहा जा रहा है कि दिसंबर 2020 तक चीन ये अत्याधुनिक ड्रोन पाकिस्तान को सौंप देगा। ये बेहद घातक लड़ाकू ड्रोन माना जाता है। जो तेजी से हमला करने में सक्षम है और इसकी जासूसी की रेंज काफी ज्यादा है।

इससे 350 किलोग्राम तक वजनी हथियार साथ ले जा सकता है। इसे रात और दिन दोनों ही समय काम कर सकता है। पाकिस्तान की नौसेना को भी चीन मजबूत करने में जुटा हुआ है। इसके सबूत सैटेलाइट तस्वीर से मिले हैं। दरअसल जब से राफेल भारतीय वायुसेना के पास आया है चीन और पाकिस्तान दोनों में बौखलाहट है। सीमा पर भी भारत का आक्रामक रुख चीन को रास नही आया है। इसलिए वह पर्दे के पीछे भारत के खिलाफ साजिश में जुटा है।

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