भारत का लेजर हथियार बनते ही कापेगा चीन, बगैर किसी आवाज के खाक हों जायेगे दुश्मन

आधुनिकता के चलते युद्ध के तौर-तरीके बदल रहे हैं। नए-नए हथियारों को युद्ध के लिए तैयार किया जा चुका है। अब पारंपरिक हथियारों की जगह दूर से ही निशाना लगाने वाले हथियार बन रहे हैं। ऐसे में भविष्य में जो भी युद्ध होंगे, उनमें अत्याधुनिक ताकत भरपूर क्षमता वाले हथियारों का इस्तेमाल किया जाएगा। हॉलीवुड फिल्मों में दिखाए जाने वाले जादुई हथियारों की ही तरह भारत भी वैसे ही हथियार बनाने जा रहा है।

देश के इस हथियारों के हमले से पड़ोसी दुश्मन देश कांप उठेंगे। युद्ध से पहले ही दुश्मन देशों के पसीने छूटने लगेंगे। चलिए आपको बताते हैं इन भारतीय हथियारों के बारे में अहम बातें।

भारत के लिए अत्य़ाधुनिक हथियार बनाने के लिए डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन यानि DRDO लेजर से हमला करने वाले हथियार बना रहा है। इन लेजर हथियारों को डायरेक्ट एनर्जी वेपन कहते हैं।

हालांकि यह सभी अपने सिर्फ शुरुआती स्टेज पर है। इन हथियारों के बड़े फायदे हैं, ये हथियार प्रकाश की गति से लगते हैं, और इनका निशाना एकदम सटीक होता है। साथ ही इन्हें बार बार इस्तेमाल किया जा सकता है जिससे लागत भी कम आती है। यदि भारतीय मूल की डीआरडीओ ऐसे हत्यारों को अंजाम दे देती है तो यह पूरे विश्व में एक बड़ा तहलका मचा सकती है।

इसके साथ ही डीआरडीओ ऐसे हथियार भी बनाने जा रहा है जो माइक्रोवेव किरणें छोड़कर दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक रेडियो सिस्टम, संचार सिस्टम आदि को नष्ट कर देंगे। ऐसी स्थिति में दुश्मन बहुत कमजोर हो जाता है। जिसके चलते उसपर हमला करना पहले के मुकाबले काफी आसान हो जाता है।

इन घातक हथियारों को बनाने के लिए भारत सरकार ने एक राष्ट्रीय स्तर का प्रोग्राम बनाया है। इसमें अलग-अलग तरह के डायरेक्ट एनर्जी वेपन हथियार होंगे। इन हथियारों की क्षमता 1000 किलोवॉट की होगी। ये हथियार देश पर दुश्मन की तरफ से आने वाली किसी भी मिसाइल या फाइटर जेट या ड्रोन को आसमान में नष्ट कर देंगे। वो भी बिना आवाज किये. ऐसे में इस प्रोजेक्ट को ‘काली’ बीम नाम दिया गया है।

ये लेजर बीम हमले में न तो आवाज होती है न ही किसी तरह धूम-धड़ाका होता है। ये चुपचाप अपने दुश्मन को लक्ष्य बनाते हुए उसे जलाकर राख कर देती है। बता दे की इसके लिए DRDO ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अगले 5 साल की योजना तैयार की है। इसमें पहले फेज में ऐसे हथियारों की रेंज को 6-8 किलोमीटर, फिर दूसरे फेज में 20 किलोमीटर तक बढ़ाने की तैयारी है।

लेजर हथियारों की खासियत ये है कि इनसे दुश्मन का बचना बेहद मुश्किल है। ये एकदम सटीक निशाना लगाते हैं। अन्य हथियारों की तुलना में इनकी कीमत भी कम होती है। एक साथ हमला करने वाले कई टारगेट्स को अकेले एक लेजर हथियार संभाल सकता है।

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