भारत और चीन के टकराव में रूस भी कूदा, चीन से सटे इलाक़े में बढ़ाई सेना की तैनाती

चीन इस समय चौतरफ़ा झमेला पाले हुए है. भारत के अलावा ताइवान के साथ उसका संबंध हाल के वर्षों में सबसे ख़राब दौर से गुजर रहा है, वहीं चीन ने अमेरिका को भी बीते दिनों लगातार धमकियां दी हैं.

अब अमेरिका और चीन में बढ़ती तनातनी के बीच रूस ने भी सैनिकों की तैनाती को बढ़ाने का ऐलान किया है. रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगू ने सोमवार को कहा कि रूस क्षेत्र में बढ़ते तनाव के जवाब में सीमा पर अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है.

माना जा रहा है कि पूर्वी चीन सागर में स्थित रूस के नेवल बेस व्लादिवोस्तोक पर रूसी सेना की उपस्थिति बढ़ गयी है. इस बेस के ज़रिए रूस प्रशांत महासागर, पूर्वी चीन सागर, फिलीपीन की खाड़ी के क्षेत्रों में अपनी सैन्य गतिविधियों को अंजाम देता है.

हालांकि उन्होंने अपने बयान में किसी देश का नाम नहीं लिया.

उन्होंने यह भी नहीं बताया कि नए ख़तरें क्या हैं और पूर्व में इन सैनिकों को कहां तैनात किया जाएगा. आने वाले दिनों में अमेरिका और चीन के बीच नौसैनिक टकराव हो सकता है. जिससे रूस चिंतित है.

वही, विशेषज्ञों ने कहा है कि पुतिन का सपना फिर से एक ग्रेटर यूरेशिया को बनाना है। जिसके जरिए वे रूस की खोई हुई ताकत को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। वे रूस को अमेरिका के मुकाबले खड़ा कर किसी भी विवाद का निपटारा करने वाले एक मजबूत देश की छवि का निर्माण कर रहे हैं। अगर वास्तव में रूस की पहल से भारत और चीन के बीच शांति आ जाती है तो इससे एशियाई देशों में पुतिन का प्रभाव बढ़ेगा।

 

 

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