भारतीय वायु सेना में हुई राफेल का हुआ स्वागत इस विमान के सामने बाकी विमान है बेकार छूटे पाकिस्तान और चीन के भी पसीने

भारतीय वायुसेना में राफेल के शामिल होने से पाकिस्तान इस कदर डर गया है कि उसने चीन से मदद मांगी है।
मीडिया रिफोर्ट्स की मानें तो पाकिस्तान की तरफ से चीन से J-10 फाइटर जेट की मांग की गई है। हालांकि पाकिस्तान इसकी मांग तकरीबन दस वर्षों से करता आ रहा है, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है।

वही राफेल की धमाकेदार एंट्री देखकर सभी देश भारत की ताकत का अंदाजा लगा रहे हैं। आपको बता दें दोस्तों राफेल 4.5वीं पीढ़ी का विमान है, जिसमें राडार से बच निकलने की युक्ति है। इससे भारतीय वायुसेना (आईएएफ) में बड़े बदलाव होगा, क्योंकि वायुसेना के पास अब तक के विमान मिराज-2000 और सुखोई-30 एमकेआई या तो तीसरी पीढ़ी या चौथी पीढ़ी के विमान हैं।

राफेल की अधिकतम स्पीड 2,130 किमी/घंटा है और इसकी मारक क्षमता 3700 किमी. तक है। राफेल में बहुत ऊंचाई वाले एयरबेस से भी उड़ान भरने की क्षमता है। लेह जैसी जगहों और काफी ठंडे मौसम में भी लड़ाकू विमान तेजी से काम कर सकता है। राफेल 24,500 किलो उठाकर ले जाने में सक्षम है और 60 घंटे अतिरिक्त उड़ान की गारंटी भी है। ऐसे में चीन और पाकिस्तान जैसे देश कहीं ना कहीं भारत की इस कामयाबी से जलने लगे हैं।

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