नेपाल के विदेश मंत्री बोले- भारत में हिंदू रहते हैं सिर्फ यही अच्छे रिश्ते बनाए रखने की वजह नहीं

नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप ज्ञवाली ने आज एक बड़ा बयान देते हुए कहा है की भारत और नेपाल में बड़ी संख्या में हिंदू रहते हैं ये दो देशों के बीच के रिश्तों का आधार नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि धर्म को न तो देश के आंतरिक मामले में लाना चाहिए और न ही दूसरे देश के साथ संबंधों के बीच में लाना चाहिए.

BBC को दिए एक इंटरव्यू में प्रदीप ज्ञवाली ने भारत-नेपाल सीमा विवाद से जुड़े मुद्दों पर भी राय रखी. ज्ञवाली ने स्पष्ट कहा कि दोनों देशों के रिश्तों में बहुत दुरिया आ गयी है, लेकिन इससे हमारे संबंध और मजबूत हो सकते हैं.

संविधान के धर्मनिरपेक्ष होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि नेपाल के संविधान में क्या होगा और क्या नहीं होगा, यह तो नेपाल के लोग ही तय करेंगे. संसद और नेपाल की जनता को तय करना था कि हम सेक्युलर देश बनें या नहीं.

प्रदीप ज्ञवाली ने कहा कि नेपाल और भारत के बीच जो सीमा विवाद है उसे प्राथमिकता से सुलझाना चाहिए. जब तक ये सुलझ नहीं जाता है, तब तक हमें ये मुद्दा परेशान करता रहेगा. हम नहीं चाहते कि इसकी वजह से सब कुछ रुका रहे. भारत के साथ हमारा कई मोर्चों पर संबंध है और हमारी कोशिश यही है कि इन संबंधों को पटरी पर रखते हुए सीमा विवाद का हल निकालें.

नेपाल के लिए लिपुलेख और कालापानी का मुद्दा काफ़ी अहम है, क्योंकि यह हमारी संप्रभुता और अखंडता से जुड़ा है. उन्होंने कहा कि नेपाल लंबे वक़्त से इस समस्या का समाधान बातचीत के ज़रिए करने की कोशिश कर रहा है. भारत के विदेश सचिव स्तर की बातचीत शुरू करने के लिए हमने प्रस्ताव दिया था. लेकिन नेपाल के छोटा देश होने की वजह से भारत हमें नज़रअंदाज़ कर रहा है. और इस मुद्दे को लेकर भारत थोडा सा भी सीरियस नज़र नहीं आ रहा है.

Share this:

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *