ना ओटीपी और ना कोई जानकारी दिए बिना ही व्यापारी के 1.86 करोड़ उड़ गए, क्या है सिम कार्ड घोटाला? जरूर जानिए

आमतौर पर ट्रांजैक्शन करने के लिए रजिस्टर्ड नंबर पर हमेशा एक ओटीपी आता है, लेकिन एक ऐसी घटना सामने आई है जिसमें व्यापारी को किसी भी तरह का ओटीपी नहीं आया, तो चोरी हुई कैसे, इसका जवाब ये है कि इन ठगों ने SIM Swap की थी. सिम स्वैप का अर्थ ये होता है कि आपको अपने पुराने सिम कार्ड को बदलकर उसी नंबर से नया कार्ड लेना हो तो इस प्रक्रिया को सिम स्वैप कहते हैं.

इसकी जरूरत मोबाइल धारकों को कभी न कभी पड़ ही जाती है.
लेकिन ठग इसका गलत इस्तेमाल करता है. चोर उपयुक्त व्यक्ति के सिम कार्ड को बंद करवा कर अपने पास एक खाली सिम में उस नंबर को चालू करवा लेता है. इसके लिए चोर किसी भी व्यक्ति की तमाम निजी जानकारी जैसे नाम पता, आधार कार्ड, ID नंबर, बैंकिंग जानकारिया इत्यादि जान लेता है.

सारी जानकारी के बाद ठगों को सिर्फ OTP की जरूरत थी उसके लिए उन्होंने सिम स्वापिंग का सहारा लिया. इन ठाकुर से बचने के लिए सबसे बड़ा उपाय तो यही है दोस्तों के यदि नेट बैंकिंग करते हैं तो केवल अपने मोबाइल और कंप्यूटर से करें ना कि कैफे पर जाकर अपने डिटेल्स दे। ऐसे कोई भी व्यक्ति आप की डिटेल्स का इस्तेमाल करके आप के खाते से पैसे उड़ा सकता है।

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