दुनिया पर धौंस जमा रहे चीन की राजनिति में बगावत शरू, जिनपिंग को सता रहा तख्तापलट का डर

पूरी दुनिया पर चीन का कब्जा करने का सपने देख रहे राष्ट्रपति शी जिनपिंग को अब अपनी कुर्सी खतरे में नजर आने लगी है। जिनपिंग को देश में उठ रहे बगावती सुरों के चलते राजनीतिक तख्तापलट का डर सता रहा है इसलिए जिनपिंग ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जिनपिंग ने इस खतरे को भांपने के लिए पुलिस ऑफिसर, जज और स्टेट सिक्यॉरिटी एजेंट की जवाबदेही सिर्फ उनके प्रति तय कर दी है।

अमेरिका में उइगर टाइम्स एजेंसी के संस्थापक ताहिर इमीन ने बताया कि जिनपिंग धरती पर अकेले ऐसे नेता हैं जिन्होंने केंद्रीय सरकार में सारी 11 पोजिशन अकेले ले रखी हैं। यानि चीन में डिफेन्स मिनिस्टर, फाइनेंस मिनिस्टर, यहाँ तक की सेना प्रमुख जैसे तमाम औधे अकेले जिनपिंग ही सँभालते है.

और हकीकत तो ये है की जिनपिंग आज तक किसी में पोजिशन पर कोई खास प्रदर्शन नहीं कर पाए है.

संस्थापक ने बताया की चीन की कम्युनिस्ट के अंदर शी के लिए बड़ी चुनौती कड़ी हो गयी है। दूसरी ओर जिनपिंग ने अपने विरोध में खड़े के सभी नेताओ और पार्टियो पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर जेल में बंद कर दिया।

कुछ दिन पहले ही जिनपिंग ने एक कैंपेन चलाया था जिसका मकसद ऐसे लोगों को खोजना था जो पार्टी के प्रति वफादार और ईमानदार नहीं हैं। माना जा रहा है कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि पार्टी के अंदरूनी नेता जिनपिंग के सैन्य मामलों में दखल से खुश नहीं है। बता दे की 2018 में जिनपिंग ने एक कानून बनाकर राष्ट्रपति पद की अधिकतम सीमा खत्म कर खुद को आजीवन चीन का राष्ट्रपति घोषित कर लिया था।

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