दुध देने वाले पशुओं का भी बनने लगा आधार कार्ड, सरकार ने क्यों लिया ऐसा फैसला

सरकार की एक अनूठी योजना के तहत लोगों की तरह अब  पशुओं  के भी आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं । यानी एनिमल रजिस्ट्रेशन कार्ड , पशुपालन विभाग द्वारा प्रत्येक पशु पालक का उसके पशु सहित पूरा डाटा तैयार कर अपलोड किया जा रहा है ।आधार कार्ड बनाने में जैसे आदमियों के फिंगरप्रिंट लिए जाते हैं उसी तरह पशुओं के ईयरटैग को स्कैन किया जाता है।

पशुओं के आधार कार्ड बनने के बाद सरकार के पास देश में कुल पशुओं की संख्या,  दूध उत्पादन, पशुओं की नस्ल आदि का पूरा ब्यौरा तैयार हो जाएगा । इस प्रक्रिया से सरकार को एक ही फोल्डर में पूरे प्रदेश की गाय,  भैंस और अन्य पशुओं की कुल संख्या,  गाय भैंस के दूध का उत्पादन , पशुओं की नस्ल और उनकी प्रजनन क्षमता के बारे में इकट्ठे जानकारी मिलती रहेगी

वही कार्ड बनने के बाद पशुपालक को भी फायदा है। किसान अपने पशुओं को ऑनलाइन कहीं भी बेच सकता है। दूसरा इस कार्ड के बनने के बाद पशु क्रेडिट कार्ड बनवा कर किसान पशु पर लोन आसानी से ले सकता है।

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