एयरक्राफ्ट कैरियर, परमाणु बॉम्बर और मिसाइल.. चीन को चौतरफा घेर चूका है अमेरिका

चीन और अमेरिका के बीच जारी तनाव हर रोज गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। अमेरिका ने चीन की बढ़ती दादागिरी पर रोक लगाने के लिए चौतरफा घेराबंदी शुरू कर दी है। कुछ दिनों से अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस रोनाल्ड रीगन साउथ चाइना सी में चीन के नजदीक युद्धाभ्यास कर रहा है। इसके अलावा चीन से बढ़ते खतरों से निपटने के लिए अमेरिका अपनी मध्य रेंज, न्यूक्लियर, जमीन से लॉन्च होने वाली क्रूज मिसाइलों की तैनाती करने के बारे में सोच रहा है।

वॉशिंगटन के टॉप आर्म्स कंट्रोल मार्शल बिलिंगस्ली इस बारे में एशिया में अमेरिका के सहयोगी देशों से बातचीत करने वाले हैं।

माना जा रहा है कि ये मिसाइल सिस्टम ताइवान, जापान, दक्षिण कोरिया या फिलीपींस में लगाए जा सकते हैं। इसके अलावा अमेरिका भारत समेत अन्य सहयोगी देशों से मिसाइल तैनाती के बारे में बात कर रहा है। चीन के साथ बढ़ती जापान की तनातनी के बीच उम्मीद की जा रही है कि जापान भी अमेरिकी मिसाइल की तैनाती की मंजूरी दे सकता है।

वहीं, प्रशांत महासागर के गुआम नेवल बेस पर तैनात लंबी दूरी तक परमाणु हमला करने में सक्षम बॉम्बर प्लेन B-1 साउथ चाइना सी के ऊपर उड़ान भरकर चीन पर हमला करने के लिए तैयार है। B-1 स्प्रिट की गिनती दुनिया के सबसे घातक बॉम्‍बर्स में की जाती है। यह बमवर्षक विमान एक साथ 16 परमाणु बम ले जा सकता है। ये परमाणु रेडार की पकड़ में नहीं आता है और चुपके से हमले को अंजाम देने में सक्षम है। यही नहीं यह चीन के S-400 हवाई डिफेंस सिस्टम को चकमा देकर आसानी से उसके इलाके में घुस सकते है।

इस बॉम्‍बर पर एक हजार किलो के परंपरागत बम भी तैनात किए जा सकते हैं। यह दुश्‍मन की जमीन पर हमला करने में सबसे कारगर बॉम्‍बर माना जाता है। माना जा रहा है कि यह बॉम्बर आने वाले दिनों में भारत के साथ मालाबार नेवल एक्सरसाइज में भी हिस्सा ले सकता है।

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