चीन पड़ा अकेला: अब मांग रहा इन देशों से मदद, जिनपिंग ने खुद किये सबको फोन

भारत और चीन के बीच एलएसी को लेकर जारी विवाद में जिनपिंग की सरकार और चीन खुद फंसता जा रहा है। जब से चीन ने लद्दाख में भारतीय सीमा के पास घुसपैठ करने और क्षेत्रों पर कब्जा जमाने के मंसूबों के तहत साजिश करनीय शुरू की, तब से वह भारतीय सैनिकों से लगातार हार रहा है। वहीं अंतराष्ट्रीय मंच पर भी अलग थलग हो गया।

भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और जापान जैसे देश चीन के खिलाफ खड़े हैं। ऐसे में अब चीन की मुश्किलें बढ़ गयी हैं।

दरअसल, चीन इन दिनों कई विवादों से घिरा है। भारत के साथ LAC तनाव के अलावा हांगकांग -ताइवान और साउथ चाइना सी में चीन की दादागिरी से उसके रिश्ते अन्य देशों से खराब हो गए हैं। चीनी वायरस को लेकर दुनियाभर में आलोचना झेल रहा चाइना, अब पूरी तरह से घिर गया। विश्व स्तर पर बिगड़े रिश्ते मजबूत करने के लिए जिनपिंग सरकार जुट गयी है।

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बुधवार को खुद जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल से फोन पर बातचीत की।

बता दें कि यूरोपियन संघ चीन का सबसे बड़ा साझेदार है लेकिन इससे जुड़े 27 देश बीजिंग को लेकर अलग सोच रखते हैं। चीन ने जब हांगकांग में नया कानून लागू किया तो यूरोपियन संघ को ये पसंद नहीं आया। जर्मनी और फ़्रांस ने इसका कड़ा विरोध किया।

वही ब्रिटेन का तो चीन से छत्तीस का आंकड़ा है। इसके अलावा यूरोपीय यूनियन के कई नेताओं के साथ भी जिनपिंग ने फोन पर बातचीत कर चीन पक्ष रखा है।

Share this:

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *