चीन को खाने के भी पढ़ रहे हैं लाले, लेकिन अपनी हरकतों से नहीं आ रहा बाज

चीन के खुद के हालात बहुत खराब चल रही है लेकिन वह अपनी हरकतों से आज तक बाज नहीं आया है। चीन के बैंक लगातार संकट में चल रहे हैं, वहीं तेल कंपनियों की हालत खस्ता है। चीन में खाद्यान संकट भी बढ़ रहा है लेकिन इन सबके बावजूद चीन भारत के लद्दाख पर कब्जा करने के लिए अलग-अलग रणनीति अपना रहा है, जिससे उसे हर बार मुंह की खानी पड़ रही है। चीन के पांच सबसे बड़े बैंकों ने पिछले एक दशक में सबसे बड़ा नुकसान हुआ है।

इसकी सूचना बैंकों ने सरकार को दी है। चीन में बैंक के साथ ही तेल कंपनियों के लाभ में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। चीन की सबसे बड़ी तेल कंपनी सिनोपेक एशिया की सबसे बड़ा रिफाइनर है। इस कंपनी को 80 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है। ​चीन में खाद्यान संकट भी बढ़ता जा रहा है।

शी जिनपिंग ने चीनी लोगों से कहा कि वो उतना ही खाना खाएं, जितनी जरूरत हो। इस अभियान के अनुसार, रेस्तरां में चार लोगों के एक समूह को केवल 3 लोगों के लिए खाने का ऑर्डर देना चाहिए। मतलब चीन के लोगों की हालत यह है कि वह पेट भर कर खाना भी नहीं खा सकते हैं।

एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन में कई किसान फसलों की जमाखोरी कर रहे हैं। उनका मानना ​​है कि इस मौसम में आपूर्ति में कमी होगी। ऐसे हालातों में भी चीन भारत पर आक्रमण करने की सोच रहा है जबकि उसके खुद के लोग खाने पीने के लिए भी तरस रहे हैं।

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