चीन की हरकतों से वियतनाम भी परेशान, इलाज के लिए भारत से मांगा ब्रमोह्स मिसाइल

इंडो-पेसेफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों को कैसे कम किया जाए इसपर भारत और वियतनाम ने बात की है. वियतनाम दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों से परेशान है और मदद के लिए भारत से नजदीकियां और बढ़ा रहा है.

मंगलवार को दोनों देशों के बीच जॉइंट कमीशन में आर्थिक, व्यापारिक और तकनीकी सहयोग की बात हुई. साथ ही साथ दोनों देश इस बात पर भी राजी हुए कि इंडो-पेसेफिक क्षेत्र में मिलकर और मजबूती से काम किया जाएगा.

भारत और वियतनाम के बीच लद्दाख और दक्षिण चीन सागर दोनों की समस्याओं पर बात हुई. दोनों देशों ने दोनों इलाकों की ताजा स्थिति के बारे में बताया.

विदेश मंत्री स्तर की इस बैठक में भारत की तरफ से एस जयशंकर और वियतनाम के फाम बिंह मिन्ह शामिल हुए थे. दरअसल, वियतनाम साउथ चाइना सी में चीन के बढ़ते दबदबे से परेशान है. उस इलाके में चीन सेना की तैनाती बढ़ा रहा है जो वियतनाम की परेशानी की वजह है.

इससे पहले वियतनाम के राजदूत फाम सान्ह चाउ ने भारत के विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रृंगला को चीन की हरकतों की जानकारी दी थी. उन्होंने बताया था कि चीन ने दक्षिण चीन सागर में अपना एच-6जे बमवर्षक विमान तैनात किया है. जो वियतनाम के लिए खतरा है. इसलिए वियतनाम चाहता है की भारत जल्द से जल्द वियतनाम को जमीन से हवा में मार करने वाली ब्रोम्होस मिसाइल उपलब्ध कराये.

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