गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव करवा कर फसा इमरान, बहुमत तो दूर- राज्य का भी नहीं मिलेगा दर्जा

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के गिलगित-बाल्टिस्तान प्रांत में जबरदस्ती चुनाव करवाने का फैसला प्रधानमंत्री इमरान खान को उल्टा पड़ता दिखाई दे रहा है। सरकारी मशीनरी के भरपूर दुरुपयोग के बाद भी उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ को यहां की 24 सदस्यी विधानसभा में केवल 10 सीटें ही मिल सकी हैं।

वहीं, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के प्रवक्ता शहजाद इल्हामी ने आरोप लगाया है कि इमरान सरकार ने इस क्षेत्र को देश का पांचवा राज्य बनाने का केवल चुनावी वादा किया था। उन्होंने कहा कि इमरान खान की पार्टी के पास देश की संसद में बहुमत नहीं है। ऐसे में वे संवैधानिक सुधारों को मंजूरी नहीं दिलवा सकते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि इमरान खान का यह वादा केवल चुनावी स्टंट ही था। गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव कराने की पाकिस्तान की योजना का भारत ने शुरू से ही विरोध किया था। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने सितंबर में एक डिजिटल प्रेस ब्रीफिंग में कहा था, 

‘सैन्य कब्जे वाले तथाकथित गिलगित-बाल्टिस्तान में स्थिति को बदलने के लिये पाकिस्तान द्वारा की गई किसी भी कार्रवाई का कोई कानूनी आधार नहीं है और यह शुरू से ही अमान्य है।’ श्रीवास्तव ने कहा जम्मू कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के तहत आने वाला समस्त क्षेत्र भारत का अभिन्न अंग रहा है और है तथा आगे भी रहेगा।

Share this:

Leave a Comment