कोरोन को लेकर खुलासा, जिनको आंखों की बीमारी उनकी ख़त्म हो सकती है देखने की रौशनी

दुनिया में तेजी से फैलते कोरोना वायरस के बीच वैज्ञानिक इससे बचने के उपाय और दवाई ढूंढने में जुटे हुए हैं और लगातार रिसर्च कर रहे हैं। एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि सामान्य व्यक्तियों की तुलना में पहले से ही किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए कोरोना वायरस ज्यादा घातक साबित हो रहा है। एक नए अध्ययन में पता चला है कि आंख के पीड़ितों में कोरोना संक्रमण के गंभीर होने का खतरा ज्यादा हो सकता है।

शोधकर्ताओं ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी इवरिंग मेडिकल सेंटर में भर्ती किए गए करीब 11 हजार कोरोना रोगियों पर किए गए अध्ययन के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है। उन्होंने पाया कि जिन रोगियों में अखो की मैक्युलर डीजनरेशन बीमारी है उनमे करीब 25 फीसदी लोगों की अखो की रौशनी ख़त्म गई है।

जानिए क्या है मैक्युलर डीजेनेरेशन? – मैक्युला आंख के पीछे की तरफ स्थित संवेदनशील ऊत्तक की एक पतली परत होती है। मैक्युला के चलते हमें आंखे से सीधे सामने दिखाई देता है। इससे हम आंखों के बीचों बीच की वस्तु स्पष्ट रूप से देख नहीं पाते हैं। भले ही आप किसी वस्तु को पास या दूर से देख रहे हों, इसके बावजूद वह चीज आपको स्पष्ट दिखाई नहीं देती है। हालांकि, शुरुआती चरण में इसकी पहचान करके सही उपचार से आंखों की रौशनी को सुरक्षित रखा जा सकता है।

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