किसान और सरकार के बीच आखिरी बैठक खत्म, वापिस नहीं लिया गया कोई भी कानून -

 केंद्र सरकार व किसान यूनियनों के प्रतिनिधियों के बीच शुक्रवार को 11वें राउंड की वार्ता खत्म हो गई है जिसमे कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से साफ कहा कि हमने जो प्रस्ताव दिया है वह आपके हित के लिए है। इससे बेहतर हम कुछ नहीं कर सकते। अगर आप का विचार बने तो एक बार सोच लीजिए। साथ ही अगली बैठक की तारीख तय नहीं की गई है।आपको बता दें दोस्तों कि तीनों नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 58 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर किसान धरना दे रहे हैं

 साथ ही साथ कृषि कानूनों को डेढ़ साल तक स्थगित रखने और इस दौरान कमेटी बनाकर किसानों की आशंकाएं दूर करने का केंद्र की ओर से बुधवार को प्रस्ताव दिया गया था लेकिन किसानों ने इसे मंजूर करने से इनकार कर दिया।
साथ ही अब तक 10 वे दौर की वार्ता का भी कोई नतीजा नहीं निकला है। 10वें दौर की बातचीत में केंद्र सरकार ने इन कानूनों को डेढ़ साल तक निलंबित रखने का प्रस्ताव दिया था जिसे गुरुवार को किसान संगठनों ने खारिज कर दिया हैं

 दूसरी ओर 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के मौके पर किसान संगठनों ने ट्रैक्टर रैली निकालने का फैसला किया है जिसके बाद अपनी मांगों के समर्थन में किसान संगठन के नेताओं ने पुलिस से रिंग रोड पर ट्रैक्टर रैली निकालने की अनुमति मांगी है जिसे गणतंत्र दिवस की सुरक्षा और कोरोना वायरस संक्रमण के कारण फैली महामारी के मद्देनजर पुलिस अधिकारियों ने मानने से इनकार कर दिया

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