नोट बंदी के पांच साल हुए पुरे पर आखिर बाजार से क्यों घट रहे 2000 के नोट, RBI ने भी बंद की Printing ! देखें वजह -

नोटबंदी को करीब पांच साल पुरे हो चुके हैं जिसमे नोटबंदी के बाद 2 हजार के नोट जारी किए गए थे और अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए जारी किए गए 2 हजार के नोटों का मूल्य उस समय करीब 6.72 लाख करोड़ रुपये था, जो अब घटकर 4.90 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यानि 1.82 लाख करोड़ रुपये के 2 हजार के नोट प्रचलन से बाहर हो गए हैं। सरकार ने 500 और एक हजार रुपए के नोट का लीगल टेंडर खत्म किया था।

 इसका उद्देश्य था कि बाजार से नकली नोट खत्म हो जाए, साथ ही कालाधन वापस बैंकों में आ जाए। लेकिन सरकार द्वारा नोटबंदी (Demonetisation) के ऐलान के 5 साल बाद भी लोगों की जेब नोटों से भरी हुई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक नकद भुगतान(payment) के जरिए इस समय बाजार में मौजूद currency अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। सरकार द्वारा नोटबंदी के ऐलान के 5 साल बाद भी लोगों के पास नकद पैसे लगातर बढ़ते जा रहे है.

 हालांकि सर्कार ने 2,000 रुपये के नए नोटों की छपाई बंद कर दी गई है । इस मामले में एक्सपर्ट का कहना है कि बड़ी कीमत के ये नोट बैंकों में वापस नहीं आ रहे हैं। यहीं वजह है कि एटीएम में भी लोगों को पहले की तरह 2,000 रुपये के नोट नहीं मिल रहे हैं। देश में फिर ये धारणा बन रही है कि 2 हजार के नोटों की कीमत अधिक होने के कारण इसे काले धन के रूप में जमा किया जा रहा हैं जिसके चलते इसे सर्कार ने छापना ही बंद क्र दिया हैं।

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