ऑनलाइन क्लास के लिए गरीब छात्रों को गैजेट और इंटरनेट मुहैया कराएं स्कूल, कोर्ट का आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने कोरोना काल में गरीब बच्चों को ऑनलाइन क्लास लेने में हो रही परेशानी को देखते हुए सरकार को एक अहम आदेश दिया. कोर्ट ने सरकारी वित्तपोषण रहित सभी निजी और सरकारी स्कूलों को ऑनलाइन कक्षाओं के लिए गरीब बच्चों को मोबाइल और इंटरनेट मुहैया कराने का आदेश दिया.

हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों और सरकारी स्कूलों जैसे केंद्रीय विद्यालय को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और वंचित वर्ग के छात्रों को अच्छी स्पीड का इंटरनेट देने को कहा है. साथ ही इसके लिए जरूरी गैजेट्स मुहैया कराने का आदेश भी दिया गया है.

‘इनकी लागत फीस का हिस्सा नहीं होगी’ – कोर्ट ने साफ कर दिया है कि ऐसे गैजेट और डिजिटल उपकरण के साथ-साथ इंटरनेट पैकेज की लागत फीस का हिस्सा नहीं होगी. ये उपरकण वंचित वर्ग के छात्रों को निजी स्कूलों और सरकारी स्कूलों द्वारा मुफ्त में प्रदान किए जायेगे.

कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि एक टीम का गठन किया जाएगा, जो गरीबों को गैजेट्स की पहचान करने और आपूर्ति करने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए कार्य करेगी. बता दें कि हाईकोर्ट ने ‘जस्टिस फॉर ऑल’ की जनहित याचिका पर यह फैसला सुनाया.

एनजीओ ने वकील खगेश झा के जरिए दाखिल जनहित याचिका में केंद्र और दिल्ली सरकार को गरीब बच्चों को मोबाइल फोन, लैपटॉप या टैबलेट मुहैया कराने का निर्देश देने का अनुरोध किया था, ताकि कोरोना काल में उनकी पढ़ाई-लिखाई न रुके.

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