ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी बोले- कोरोना संकट में कोई भी मित्र देश काम नहीं आया

ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कोरोना वायरस के कारण देश के बिगड़ते हालात को लेकर अमेरिका पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने अमेरिकी प्रतिबंधों के खिलाफ कोरोना काल में ईरान की मदद न करने को लेकर अपने मित्र देशों को भी जमकर खरी खोटी सुनाई. राजधानी तेहरान में एक कार्यक्रम में रुहानी ने कहा कि हमारे मित्र देशों को अमेरिकी प्रतिबंधों को छोड़कर हमारा साथ देना चाहिए था.

अमेरिका को भी इस वक्त थोड़ी इंसानियत दिखानी चाहिए. रुहानी ने कहा कि पिछले महीनों में जब से कोरोनोवायरस हमारे देश में आया था, कोई भी हमारी मदद के लिए नहीं आया. अगर अमेरिका के पास थोड़ी भी इंसानियत या दिमाग है तो उसे इस स्वास्थ्य आपातकाल के दौर में हमारे ऊपर से प्रतिबंधों को एक साल के लिए हटाने की पेशकश करेगा. लेकिन अमेरिका बाकी चीजों की तुलना में कहीं अधिक हृदयहीन और दुष्ट है.

ईरान में अबतक कोरोना वायरस के 380,000 से अधिक केस सामने आ चुके हैं. जबकि, 22,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. पश्चिमी देश के कई विशेषज्ञों ने ईरान सरकार के इन आंकड़ों पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि ईरान कोरोना वायरस के वास्तविक आंकड़ों को छुपा रहा है.

ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका ने हमारे ऊपर से प्रतिबंधों को हटाने की जगह पर पिछले 7 महीनों में कई नए प्रतिबंध लगाए हैं. इसके बाद ईरान के ऊपर कई प्रतिबंध लगा दिए गए. इससे कोरोना काल में ईरान की आर्थिक स्थिति और खराब हो गई है. उधर अमेरिका ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर भी प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है. इस कारण कोई भी देश सीधे ईरान से व्यापार नहीं कर रहा है.

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