इसलिए कोरोना के मामले में दूसरे स्थान पर पहुंचा भारत, इन 5 गलतियों ने कर दिया 'बेड़ागर्क, मचेगी तबाही

भारत में कोरोना के मामले बढ़ने के कारण : भारत ने ब्राजील को पछाड़ दिया है और जिस तेजी से मामले बढ़ रहे हैं उससे ऐसा लग रहा है कि देश जल्द ही पहले नंबर पर आ जाएगा. भारत में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। कोरोना संक्रमितों की संख्या के मामले में भारत दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।

आइये दोस्तों आपको बताते भारत में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ने के कारण -:

गलत तरीके से मास्क पहनना – लॉकडाउन खुल गया है और अब सड़कों पर लोगों की भीड़ बढ़ने लगी है। लॉकडाउन खुलने के बाद कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि लोग गलत तरीके से मास्क पहनते हैं। कई लोग आपको मास्क को गले में टांग लेते हैं। या फिर मुंह और नाक को कवर नहीं करते हैं। आपको बता दें कि ऐसा करने से आपके नाक या मुंह के जरिये कोरोना वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता हैं। और ऐसा हो  भी रहा है.

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा कि कुछ ‘गैर जिम्मेदार’ लोगों के मास्क नहीं पहनने तथा सामाजिक दूरी बनाकर नहीं रखने से भारत में कोरोना वायरस महामारी बढ़ रही है।

खुद को अलग नहीं करना – दोस्तों अगर किसी संदेह है कि उनको कोरोना जैसे लक्षण हैं जिनमें हल्के बुखार, खांसी या गले में खराश शामिल हैं, तो ऐसे लगोग को खुद को अलग कर लेना चाहिए। अधिक गंभीर लक्षण, जैसे उच्च बुखार, कमजोरी, सुस्ती या सांस की तकलीफ वाले लोगों को तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। लेकिन लोग ऐसा नहीं कर रहे हैं। देखा गया है कि लोग इन लक्षणों के साथ ही बाहर घूम रहे हैं। ऐसा करना आपको और अन्य लोगों को जोखिम में डाल सकता है।

एहितयाती उपायों पर ध्यान नहीं देना – मामले बढ़ने की एक वजह लोगों द्वारा एहितयाती उपायों पर ध्यान नहीं देना है। संक्रमण फैलने के अन्य कारणों में त्योहार का मौसम, कोविड-19 का संदेह होने पर भी देर से जांच करवाना, संक्रमितों के संपर्क में आना, प्रवासियों का लौटना और अनलॉक के कारण ही हैं की बीते कुछ दिन में नए मामले और उपचाराधीन मरीज भी बढ़े हैं।

कोरोना का डर कम होना – दोस्तों जनता के बीच कोविड-19 को लेकर डर कम होने और उत्सवों के मौसम तथा भारी बारिश के कारण अब कम संख्या में लोग जांच करा रहे हैं। विशेषज्ञों ने अगस्त में दिल्ली में कोरोना वायरस की जांच के रोजाना के आंकड़ों में बदलाव के मद्देनजर यह बात कही।

अधिकारियों ने एक अगस्त से 15 अगस्त के बीच दिल्ली में कोविड-19 के लिए 2.58 लाख से अधिक नमूनों की जांच की, वहीं जुलाई में इसी अवधि में यह आंकड़ा 3.13 लाख से अधिक था। वही कुछ लोगो ने अब कोरोना से डरना ही छोड़ दिया है तो कुछ लोग इतने डर गए है की उन्होंने कोरोना को भगवान भरोसे छोड़ दिया.

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