आ रहा राफेल का दूसरा खेप, चीन की अकड़ होगी ढीली, भारत की तैयारी पूरी

लद्दाख में भारत औऱ चीन के बीच तनाव चरम पर है। इस बीच भारत अपनी सामरिक ताकत बढ़ाने में लगा है। अगले महीने देश के वायुसेना की ताकत और बढ़ जाएगी। अगले महीने अक्टूबर में 5 और राफेल लड़ाकू विमान भारत आ रहे हैं। ये लड़ाकू विमाम पश्चिम बंगाल के कलईकुंडा एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात किए जाएंगे और चीन से लगती पूर्वी सीमा की रक्षा करेंगे।

चीन से लगने सीमा पर तापमान को देखते हुए इस विमान में भारत ने अपने हिसाब से कुछ मोडिफिकेशन कराए हैं। इसकी वजह से लड़ाकू विमान कम तापमान में भी आसानी से स्टॉर्ट हो सकता है। पहले बैच में भारत 5 राफेल विमान आएगे। इन लड़ाकू विमानों की 250 घंटे से भी ज्यादा की उड़ान और फील्ड फायरिंग टेस्ट हो चुके हैं।

अगले साल के आखिरी तक भारत आएंगे सभी राफेल –
भारत ने फ्रांस के साथ 36 राफेल विमानों की खरीद के लिए डील की है। 36 राफेल विमानों में से 30 लड़ाकू विमान होंगे, तो वहीं 6 प्रशिक्षण विमान। प्रशिक्षण विमानों में दो सीट दी जाएंगी और उनमें लड़ाकू विमान वाली लगभग सभी खूबियां होंगी।

फांस से भारत आए राफेल में उनके साथ Meteor बियांड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल, MICA मल्‍टी मिशन एयर-टू-एयर मिसाइल और SCALP डीप-स्‍ट्राइक क्रूज मिसाइल्‍स लगाई गई हैं। इनसे चीनी विमानों को टारगेट्स बनाकर तबाह करने में आसानी होगी। Meteor मिसाइलें नो-एस्‍केप जोन के साथ आती हैं यानी इनसे कोई बच नहीं सकता हैं। यह मीडियम रेंज की एयर-टू-एयर मिसाइलों से तीन गुना ज्‍यादा ताकतवर हैं। इस मिसाइल सिस्‍टम के साथ एक खास रॉकेट मोटार लगा है जो इसको 120 किलोमीटर की रेंज देता है।

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