अक्‍टूबर महीने से जनवरी 2021 तक ऐसा होगा भारत में कोरोना का हाल

पूरी दुनिया में कोरोना संक्रमितों की संख्‍या 2.28 करोड़ तक जा पहुंची है। वहीं भारत में ये 30 लाख का आकड़ा पार हो चूका है। बीते कुछ दिनों से हर रोज 60 हजार से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में हर किसी को इसकी वैक्‍सीन का बड़ी ही बेसर्बी से इंतजार है। वहीं एक बड़ा सवाल आने वाले समय से भी जुड़ा है, क्‍योंकि उत्‍तर भारत में आने वाले दिनों में सर्दी की शुरुआत हो जाएगी। जब भारत में कोरोना के मामले आने शुरू हुए थे उस वक्‍त उत्‍तर भारत में सर्दी का समय था।

इसके बाद अब गर्मियों का मौसम खत्‍म होने वाला है। ऐसे में आने वाले समय में कोरोना का असर कैसा रहेगा, ये एक ऐसा सवाल है जो देश के लाखों लोगों के मन में है। ऐसा इसलिए भी है क्‍योंकि कोरोना की शुरुआत में कहा जा रहा था कि तापमान बढ़ने के साथ इसका प्रकोप खत्‍म हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

इस बारे में एम्‍स के प्रोफेसर डॉक्‍टर संजय कुमार राय का मानना है कि ये सिर्फ इस बात पर निर्भर करता है कि वायरस किस स्‍टेज में है। आपको बता दें कि डॉक्‍टर राय की ही निगरानी में भारत में कोविड-19 के लिए बनने वाली वैक्‍सीन का ट्रायल जुलाई से चल रहा है।

उनका कहना है कि भारत हर्ड इम्‍यूनिटी की तरफ तेजी से बढ़ रहा हैं। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्‍ली, मुंबई और पूणे में 30 से 50 फीसद लोग इस वायरस की चपेट से बचे हुए हैं। इसका अर्थ ये है कि इनमें हर्ड इम्‍यूनिटी बन चुकी है। ये लोग अपने साथ साथ दूसरों को भी प्रोटेक्‍ट कर रहे हैं। वर्तमान रिपोर्ट के आधार पर मुंबई और दिल्‍ली में कोविड-19 के मामले अपने अधिकतम स्‍तर को छू चुके हैं, जबकि दक्षिण भारत के राज्‍यों में ये आने वाले माह में अधिकतम स्‍तर पर पहुंच जाएगा।

रूस की बनाई वैक्‍सीन में डॉक्टर का कहना है कि रूस ने इस वैक्‍सीन के ट्रायल की रिपोर्ट अब तक दुनिया के सामने नहीं रखी है। ऐसे में इस वैक्‍सीन के बारे में कुछ भी कहना सही नहीं होगा। लिहाजा इसको इमरजेंसी में किसी मरीज को देकर अपना नुकसान नहीं किया जा सकता है। उनके मुताबिक ऑक्‍सफॉर्ड यूनिवर्सिटी में बन रही वैक्‍सीन के फर्स्‍ट ट्रायल की रिपोर्ट को वैज्ञानिकों ने भारत के वैज्ञानिकों के सामने रखा है।

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